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नई दिल्ली: भारत में हियरिंग हेल्थ से जुड़े विषयों पर जागरूकता, विशेषज्ञ संवाद और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘HEAR INDIA – India’s Hearing Care and Innovation Summit’ लॉन्च किया गया है। Priority Hearing के संस्थापक डॉ. राज शर्मा और को-फाउंडर डॉ. मणी बंसल ने इस पहल की शुरुआत की है।
‘HEAR INDIA’ को एक वार्षिक राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां ऑडियोलॉजी, ENT, हेल्थकेयर, रिसर्च, हियरिंग टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक साथ आ सकेंगे।
इस मंच का उद्देश्य हियरिंग-केयर से संबंधित चुनौतियों, नई तकनीकों और देखभाल के तरीकों पर व्यापक संवाद को बढ़ावा देना है।
पहल के प्रमुख उद्देश्यों में बच्चों और वयस्कों में सुनने से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान और शुरुआती जांच को बढ़ावा देना शामिल है।
इसके साथ ही हियरिंग-केयर सुविधाओं और पुनर्वास सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
‘HEAR INDIA’ के माध्यम से आधुनिक और किफायती हियरिंग-केयर तकनीकों के विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में चर्चा की जाएगी। रिसर्च, क्लिनिकल विशेषज्ञता और इंडस्ट्री के बीच सहयोग को भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
डॉ. राज शर्मा ने कहा:
“भारत के पास बेहतरीन क्लिनिकल टैलेंट, तकनीक और इनोवेशन की क्षमता है। हम केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि भारत से पूरी दुनिया के लिए हियरिंग-केयर सॉल्यूशंस तैयार कर सकते हैं।”
उनका कहना है कि भारत की विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमता का उपयोग हियरिंग-केयर क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने के लिए किया जा सकता है।
डॉ. मणी बंसल ने कहा:
“तकनीक में कितनी भी प्रगति हो जाए, लेकिन बीमारी की समय पर पहचान, सही क्लिनिकल विशेषज्ञता और मरीजों की सहानुभूतिपूर्वक देखभाल ही हमेशा इलाज के केंद्र में रहनी चाहिए।”
इस पहल में तकनीक के साथ समय पर पहचान और मरीज-केंद्रित देखभाल को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
‘HEAR INDIA’ की अवधारणा People, Practice, Progress और Possibilities चार मूल सिद्धांतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल एक सम्मेलन तक सीमित न रहकर हियरिंग हेल्थ को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता और संवाद का मंच तैयार करना है।
पहल के माध्यम से बेहतर हियरिंग, बेहतर कम्युनिकेशन और बेहतर लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच सहयोग और विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
